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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर दुनिया की नजर, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में गूंजा आंदोलन

पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। उनकी बिगड़ती सेहत और आंदोलन की पृष्ठभूमि को लेकर कई वैश्विक मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्टों में उनकी मांगों, आंदोलन के उद्देश्य और सरकार के साथ संवाद की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता जताई गई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, लगातार उपवास के कारण उनका वजन कम हुआ है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आंदोलन के समर्थन में देश-विदेश से कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और सार्वजनिक हस्तियां भी अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं।
वांगचुक का आंदोलन अब केवल राष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसे वैश्विक मीडिया भी भारत में चल रहे जन आंदोलनों और लोकतांत्रिक विमर्श के संदर्भ में देख रहा है। अंतरराष्ट्रीय कवरेज के बाद इस मामले पर लोगों की नजरें और अधिक टिक गई हैं, जबकि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की मांग भी लगातार उठ रही है।







