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BRICS 2026 News: नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक बढ़त, जानिए 5 अहम फैसले

National 14 September 2026

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नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में भुगतान, तकनीक और वैश्विक शासन जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। सम्मेलन के बाद जारी नई दिल्ली घोषणा-पत्र में भारत की कई प्राथमिकताओं को जगह मिली।

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1. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक पहलगाम आतंकी हमले का BRICS घोषणा-पत्र में स्पष्ट उल्लेख रहा। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई और आतंकियों, उनके समर्थकों तथा सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। चीन समेत सभी सदस्य देशों ने पहलगाम हमले की निंदा का समर्थन किया। 

2. आतंकवाद के वित्तपोषण पर सख्त रुख

BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद को आर्थिक मदद मिलने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई की आवश्यकता दोहराई। यह भारत के उस रुख के अनुरूप है जिसमें आतंकवाद के साथ-साथ उसके फंडिंग नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों को भी निशाना बनाने पर जोर दिया जाता है।

3. स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा

BRICS ने सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान और व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही BRICS Payment Task Force भुगतान प्रणालियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी पर काम जारी रखेगा। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को अधिक आसान और सुरक्षित बनाना है। 

4. भारत के BRICS Risk Lab प्रस्ताव को समर्थन

भारत के GIFT City, गुजरात में BRICS Risk Lab स्थापित करने के प्रस्ताव को समर्थन मिला। इसके अलावा न्यू डेवलपमेंट बैंक के जरिए स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण बढ़ाने और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी सहमति बनी। 

5. AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग पर फोकस

BRICS ने ग्लोबल साउथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, समावेशी और समान पहुंच वाले विकास पर जोर दिया। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर रिपॉजिटरी, BRICS Training Hub Network और Industry 4.0 से जुड़े सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। 

भारत के लिए क्यों अहम रहा सम्मेलन?

नई दिल्ली घोषणा-पत्र के जरिए भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी प्राथमिकताओं को BRICS के साझा मंच पर मजबूती से रखा। इसके साथ व्यापार, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सहयोग और ग्लोबल साउथ की भूमिका जैसे क्षेत्रों में भी भारत की पहल को समर्थन मिला। हालांकि, BRICS के फैसलों को लागू करने के लिए आगे ठोस कार्ययोजना और सदस्य देशों के बीच लगातार सहमति जरूरी होगी।

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