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2371 आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी ‘आंगन मिलन सेवा’, खिलौना दान से बच्चों के चेहरों पर आएगी मुस्कान

बलरामपुर, 14 सितंबर 2026। जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिले के सभी 2371 आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के लिए जनसहयोग से खिलौने उपलब्ध कराने की योजना है।

घर के अनुपयोगी खिलौने बनेंगे बच्चों की खुशी
‘आंगन मिलन सेवा’ का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए अधिक आकर्षक, आनंदमय और सीखने के अनुकूल बनाना है। इस पहल में खिलौना दान को जनभागीदारी का प्रमुख माध्यम बनाया गया है। नागरिक अपने घरों में रखे ऐसे सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोगी खिलौने, जिनका अब इस्तेमाल नहीं हो रहा है, आंगनबाड़ी केंद्रों में दान कर सकते हैं। इच्छुक लोग नए खिलौने खरीदकर भी बच्चों को भेंट कर सकेंगे।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला छोटा-सा प्रयास भी महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर इस पहल से जुड़ सकते हैं।
आंगनबाड़ी बच्चों की पहली पाठशाला
कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पहली पाठशाला हैं, जहां उनके सीखने, समझने, संवाद करने और सामाजिक व्यवहार की शुरुआती नींव तैयार होती है। ऐसे में इन केंद्रों को बच्चों के लिए बेहतर और जीवंत बनाने में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे
खिलौने बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि उनके रचनात्मक, बौद्धिक और सामाजिक विकास का माध्यम भी हैं। खेल के जरिए बच्चे नई चीजों को समझने, कल्पना करने और अपनी भाषा व सामाजिक कौशल को विकसित करने का अवसर पाते हैं। जनसहयोग से मिलने वाले खिलौनों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसा माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां बच्चे खेलते हुए सीख सकें और अपनी रचनात्मकता को सामने ला सकें।
सेवा से सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
‘आंगन मिलन सेवा’ का उद्देश्य केवल खिलौने उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, स्नेह, सहयोग और अपनत्व की भावना को मजबूत करना भी है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने नागरिकों से 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
2371 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए की जाने वाली यह पहल उनके सीखने के माहौल को बेहतर बनाने के साथ समाज को यह संदेश भी देगी कि बच्चों के बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी परिवार के साथ पूरे समाज की भी है।






