RRT News- छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से सोशल मीडिया के दुरुपयोग और बदले की भावना से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ तोरवा थाना पुलिस ने एक ऐसी शातिर युवती को बेनकाब कर गिरफ्तार किया है, जिसने कानून का सहारा लेकर एक निर्दोष युवक की जिंदगी बर्बाद करने की पूरी तैयारी कर ली थी। युवती ने उस युवक को मानसिक और कानूनी रूप से प्रताड़ित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया, लेकिन वह यह भूल गई कि साइबर तकनीक के इस दौर में झूठ के पैर ज्यादा लंबे नहीं होते।
दरअसल, इस पूरी साजिश की पटकथा तब शुरू हुई जब आरोपी युवती ने अपने एक पुराने परिचित (पूर्व प्रेमी) से बदला लेने की ठानी। उसे समाज में नीचा दिखाने और जेल भिजवाने के इरादे से युवती ने इंस्टाग्राम पर उस युवक के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट क्रिएट किया। इसके बाद, उसने उसी नकली आईडी से अपने असली सोशल मीडिया अकाउंट पर बेहद आपत्तिजनक, अश्लील और जान से मारने की धमकी भरे संदेश भेजने शुरू कर दिए, ताकि वह खुद को पीड़ित साबित कर सके।
इन मैसेजेस को बकायदा सबूत के तौर पर पेश करते हुए युवती तोरवा थाने पहुंची और युवक के खिलाफ प्रताड़ना की गंभीर शिकायत दर्ज करा दी। शुरुआती तौर पर मामला महिला सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया, लेकिन जब बिलासपुर साइबर सेल ने मामले की तकनीकी पड़ताल शुरू की, तो कहानी में हैरान कर देने वाला ट्विस्ट आ गया। इंस्टाग्राम आईडी के आईपी एड्रेस (IP Address) और लॉग-इन डेटा की जांच से साफ हो गया कि संदेश किसी और ने नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता युवती ने ही अपने मोबाइल से भेजे थे।
साजिश का भंडाफोड़ होते ही तोरवा पुलिस ने मामले को पलट दिया और निर्दोष युवक को राहत देते हुए आरोपी युवती को कानून को गुमराह करने और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कानून और पुलिस व्यवस्था को हथियार बनाकर किसी बेकसूर को फंसाने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। तकनीकी साक्ष्यों के दम पर सुलझे इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में हर गुनाह अपने पीछे एक निशान जरूर छोड़ जाता है।







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