नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) में फ्लाइट ऑपरेशन संकट के चलते उत्पन्न हुई अराजकता का शिकार हुए यात्रियों को अब राहत मिलनी शुरू हो गई है। ऐसे ही एक मामले में, हरियाणा के रोहतक के एक पिता को, जिन्होंने फ्लाइट कैंसिल होने के बाद अपने बेटे की परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात भर 800 किलोमीटर तक कार चलाई थी, इंडिगो कंपनी अब 20,000 रुपये का मुआवजा देगी। यह कहानी रोहतक के पंघाल परिवार की है, जिनकी परेशानी देश भर में हवाई यात्रा संकट झेल रहे हजारों परिवारों के दर्द को दर्शाती है।
पंघाल परिवार को मिलेगा 10,000 नकद और ट्रैवल वाउचर
फ्लाइट रद्द होने के कारण हुई इस बड़ी असुविधा के लिए, इंडिगो कंपनी ने रोहतक के राजनारायण पंघाल और उनके बेटे आशीष चौधरी पंघाल को मुआवजा देने का ऐलान किया है। कंपनी उन्हें 10 हजार रुपये का नकद मुआवजा देगी। इसके अलावा, 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर भी दिया जाएगा, जिसका इस्तेमाल परिवार अगले एक साल के भीतर कभी भी इंडिगो की टिकट बुकिंग के लिए कर सकता है। यह मुआवजा डीजीसीए (DGCA) के नियमों के तहत दिया जा रहा है, जिसका ऐलान एयरलाइन ने उड़ान संकट के दौरान रद्द हुई उड़ानों के लिए किया था।
इंदौर की प्री-बोर्ड परीक्षा और अवॉर्ड समारोह का था मामला
यह पूरा मामला रोहतक के मायना गांव के युवा निशानेबाज आशीष चौधरी पंघाल से जुड़ा है, जो इंदौर स्थित प्रतिष्ठित डेली कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र हैं। आशीष इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे और उनकी प्री-बोर्ड परीक्षा 8 दिसंबर से शुरू होनी थी। परीक्षा से पहले, 6 दिसंबर की शाम को उन्हें इंदौर के कॉलेज में सम्मानित भी किया जाना था। इसके लिए दिल्ली से इंदौर की उनकी फ्लाइट पहले से ही बुक थी, जिसके लिए उनके पिता राजनारायण उन्हें कार से दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने गए थे।
फ्लाइट कैंसिल, ट्रेन में सीट नहीं मिली; पिता ने लिया बड़ा फैसला
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर पिता-पुत्र को पता चला कि इंदौर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल हो गई है। फ्लाइट कैंसिल होने की खबर मिलते ही राजनारायण पंघाल के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। उन्हें डर था कि आशीष एक ओर अवार्ड समारोह में भाग नहीं ले पाएगा, वहीं 8 दिसंबर से शुरू होने वाली उसकी महत्वपूर्ण प्री-बोर्ड परीक्षा भी छूट सकती है। पहले उन्होंने इंदौर जाने वाली सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन की कोशिश की, लेकिन सीट नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल बड़ा फैसला लिया।
रात भर कार चलाकर बेटे को समय पर पहुंचाया इंदौर
ट्रेन में सीट न मिलने और बेटे का करियर दांव पर लगने के डर से, राजनारायण पंघाल ने तुरंत फैसला किया कि वह खुद अपनी कार चलाकर दिल्ली से इंदौर की करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। पिता ने रात भर लगातार कार चलाई और अगले दिन समय पर अपने बेटे आशीष को इंदौर पहुंचा दिया, ताकि वह अपनी परीक्षा में शामिल हो सके। राजनारायण ने बाद में बताया कि इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें बस यही डर था कि कहीं उनके बेटे का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो जाए, इसलिए उन्होंने यह जोखिम भरा फैसला लिया।








