डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के धार्मिक नगर डोंगरगढ़ में उस समय हड़कंप मच गया, जब देश के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक निवेशकों ने रेलवे चौक स्थित वैसलियन चर्च के पास एक मकान का घेराव कर दिया। निवेशकों का आरोप है कि 'लॉन्ग एशिया' नामक फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों रुपये की कथित ठगी की गई है और इस पूरे नेटवर्क के तार डोंगरगढ़ से जुड़े हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में निवेशकों के एकत्र होने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। निवेशकों ने आरोप लगाया कि उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम निवेश कराई गई, लेकिन बाद में न तो पैसा वापस मिला और न ही अपेक्षित लाभ।
निवेशकों का कहना है कि इस मामले में देश के कई राज्यों के लोग प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि प्लेटफॉर्म संचालकों ने बड़े रिटर्न का भरोसा देकर लोगों से भारी निवेश कराया और बाद में संपर्क करना बंद कर दिया। इसी के चलते वे डोंगरगढ़ पहुंचकर कथित आरोपी के घर के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। निवेशकों के आरोपों के आधार पर दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वित्तीय लेन-देन की वास्तविक स्थिति क्या है और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय स्थिति की पूरी जांच कर लें तथा केवल विश्वसनीय और अधिकृत माध्यमों से ही निवेश करें।







