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जिंदल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका का संदेश- ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों से करें राष्ट्र निर्माण

Chhattisgarh RRT News Desk 01 August 2026

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रायगढ़। ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान का उपयोग विवेक, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जनकल्याण के लिए करना है।

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राज्यपाल ने कहा कि किसी शिक्षित व्यक्ति की पहचान केवल उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि जीवन में कम से कम एक ऐसा काम जरूर करें, जो समाज के लिए लंबे समय तक लाभकारी हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।

688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत और 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान किए गए।

तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं की भूमिका

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। संस्थानों को ऐसे युवाओं को तैयार करना होगा, जिनमें ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकार भी हों।

उन्होंने कहा कि शिक्षा की वास्तविक सार्थकता उपाधि प्राप्त करने में नहीं, बल्कि ज्ञान को समझदारी, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ जीवन में उतारने में है। ज्ञान तभी पूर्ण माना जाएगा, जब उसका उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए किया जाए।

राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से शिक्षा लेकर निकलने वाले युवा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कारों के बल पर देश के विकास और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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