रायगढ़। राज्यपाल रमेन डेका ने अपने दो दिवसीय रायगढ़ प्रवास के पहले दिन जिला कलेक्टोरेट में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।
बैठक में जल संरक्षण, पौधरोपण, पर्यावरण संवर्धन, जैविक खेती, स्वच्छता, योग, टीबी उन्मूलन, आजीविका, सहकारिता और सड़क सुरक्षा समेत 20 से अधिक विषयों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने अधिकारियों से गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया।
इस दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
राज्यपाल ने जिले में जल संरक्षण और जल संचयन के कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि वर्षा जल की हर बूंद को सहेजना समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग, वर्षा जल संग्रहण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुराने कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उनका कहना था कि जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाकर भूजल स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की समीक्षा
राज्यपाल ने जिले में चल रहे पौधरोपण अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने अमृत सरोवर परिसरों में लगाए गए पौधों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण सिर्फ संख्या बढ़ाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने नागरिकों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ने तथा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक परिसरों में व्यापक पौधरोपण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले की औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से 10 हजार पीपल के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्यपाल ने मिट्टी की प्रकृति के अनुसार पौधरोपण और जल संरक्षण की संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
जैविक खेती और फसल विविधीकरण पर जोर
राज्यपाल ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए जैविक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जीवामृत, कम्पोस्ट, ग्रीन मैन्योर, मदर कल्चर और ब्लू-ग्रीन तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा।
इसके साथ ही दलहन, तिलहन, औषधीय और अन्य लाभकारी फसलों की खेती को बढ़ावा देने तथा बड़े किसानों को खेती के साथ डबरी निर्माण और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया।
स्वच्छता और योग को लेकर भी निर्देश
राज्यपाल ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई एवं बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ऐसे प्लास्टिक के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने की बात कही, जिनका पुनर्चक्रण संभव नहीं है।
उन्होंने स्कूलों, छात्रावासों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में नियमित योग शिविर आयोजित करने तथा लोगों को योग को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
टीबी उन्मूलन और विशेष पिछड़ी जनजातियों पर फोकस
राज्यपाल ने जिले में टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लागू करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी आदि सेवा केंद्र सक्रिय हैं, जहां प्रत्येक सोमवार को ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और आवेदन प्रक्रिया में सहायता दी जाती है।
युवाओं और महिलाओं के लिए भी दिए निर्देश
राज्यपाल ने जिले में संचालित नालंदा लाइब्रेरी की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय के अलावा धरमजयगढ़, तमनार, घरघोड़ा और लैलूंगा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी नालंदा लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों और लखपति दीदी पहल की समीक्षा करते हुए महिलाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार और आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति पर भी जोर
राज्यपाल ने नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सहकारिता विभाग को निष्क्रिय समितियों की जगह ग्राम पंचायत स्तर पर नई समितियों के गठन की दिशा में कार्य करने को कहा।
सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के इस्तेमाल को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने तथा स्कूलों के समय भारी वाहनों और डंपरों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी से अधिक लोगों को जोड़ने और एनसीसी गतिविधियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के अंत में राज्यपाल रमेन डेका को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।







