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नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के 32वें अखिल भारतीय सम्मेलन का राज्यपाल श्री रामेन डेका ने किया शुभारंभ

नवा रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में राज्य निर्वाचन आयुक्तों का 32वां अखिल भारतीय सम्मेलन शुरू हुआ। 16 और 17 सितंबर को आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ राज्यपाल रामेन डेका ने किया। इस अवसर पर उन्होंने Chhattisgarh Local Body Election Year Book-2026 के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया।

स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर चर्चा
सम्मेलन में देशभर से पहुंचे विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय लोकतंत्र, विशेषकर त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और सहभागी बनाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। अलग-अलग राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों और विषय विशेषज्ञों ने अपने अनुभव, नवाचार और प्रस्तुतियां साझा कीं।
बस्तर में स्थानीय लोकतंत्र की यात्रा पर प्रस्तुति
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ‘राज्य गठन उपरांत नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 25 वर्षों में स्थानीय लोकतंत्र की प्रगति’ विषय पर विशेष प्रस्तुति दी गई। आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने यह प्रस्तुति प्रस्तुत की।
इस दौरान बस्तर में स्थानीय लोकतंत्र की यात्रा और वहां निर्वाचन कराने की चुनौतियों को रेखांकित किया गया। भौगोलिक दुर्गमता, विस्तृत वन क्षेत्र, सीमित संचार सुविधाओं और लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित परिस्थितियों के बीच स्थानीय चुनाव कराना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, निर्वाचन कर्मियों और स्थानीय समुदाय के समन्वय से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत किए जाने के अनुभव साझा किए गए।
2025 के सफल स्थानीय चुनावों का उल्लेख
प्रस्तुति में वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव एक साथ आयोजित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। बस्तर संभाग सहित राज्यभर में चुनाव शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुए तथा पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
चुनावों में तकनीक के इस्तेमाल पर प्रस्तुतियां
सम्मेलन में मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और केरल के प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया में सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। इनमें EVM Sharing Tracking Policy, EMS Software, पंचायत परिसीमन में तकनीक का उपयोग, डिजिटल चुनाव प्रक्रिया और डिजिटल युग में चुनावों के पुनर्गठन जैसे विषय शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ ने भी सम्मेलन में हिस्सा लेकर भारत के विभिन्न राज्यों में होने वाले स्थानीय चुनावों का तुलनात्मक एवं समेकित अध्ययन प्रस्तुत किया। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से जुड़ी तकनीकी जानकारी और उनमें किए जा रहे नवाचारों पर जानकारी साझा की।







