ग्वालियर में घरों के नलों से निकलने वाला पानी भले ही देखने में साफ लगे, लेकिन इसमें मौजूद सूक्ष्म जीवाणु और वायरस लोगों को बीमार कर रहे हैं। हाल के महीनों में शहर के सरकारी अस्पतालों में पेट की बीमारियों, उल्टी‑दस्त और पीलिया जैसी शिकायतों के मरीज बढ़ गए हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, पानी में ई‑कोलाई, साल्मोनेला और हेपेटाइटिस वायरस पाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिनमें पेट दर्द, दस्त, उल्टी और थकान जैसी शिकायतें आम हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन, लीकेज और गंदे जल स्रोत नल के पानी को दूषित कर रहे हैं। इसलिए बिना उबालने या फिल्टर किए पानी का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
शहर के स्वास्थ्य विभाग ने पाइपलाइन की सफाई, पानी के नमूनों की जांच और नलों के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि नल का पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर कर के ही इस्तेमाल करें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
यह मामला ग्वालियर तक सीमित नहीं है; देश के कई शहरों में साफ दिखने वाला नल का पानी भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। यह स्थिति लोगों को जागरूक रहने और पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता की याद दिलाती है।








