बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राजस्व विभाग से जुड़ी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पटवारी से राजस्व निरीक्षक (आरआई) बनने के लिए आयोजित पदोन्नति परीक्षा को निरस्त कर दिया है। इस फैसले से पहले से पदोन्नत किए गए सैकड़ों कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी विराम लग गया है।
न्यायालय में दायर याचिकाओं में पदोन्नति परीक्षा की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है। नियमों का पालन न होने और समान अवसर न दिए जाने की बात सामने आने पर हाई कोर्ट ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया को ही रद्द करने का आदेश दे दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पदोन्नति जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता अनिवार्य है। यदि चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में हो, तो उसे मान्य नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर राजस्व निरीक्षक पद पर हुई पदोन्नतियों को भी अमान्य कर दिया गया।
इस फैसले के बाद राजस्व विभाग में असमंजस की स्थिति बन गई है। प्रभावित कर्मचारियों को फिलहाल अपने पुराने पद पर ही कार्य करना होगा। वहीं राज्य सरकार को संकेत दिए गए हैं कि वह नियमों के अनुरूप, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नई पदोन्नति प्रक्रिया या परीक्षा आयोजित कर सकती है।
हाई कोर्ट के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में विभागीय परीक्षाओं और पदोन्नतियों में नियमों के सख्त पालन की उम्मीद बढ़ गई है।








