दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतका कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता की भतीजी बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, छात्रा अपने माता-पिता के साथ दुर्ग में रह रही थी, जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। घटना के समय घर के अन्य सदस्य अपने कामों में व्यस्त थे, तभी छात्रा ने अपने कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। कमरे से बरामद सुसाइड नोट में छात्रा ने केवल "SORRY मम्मी-पापा" लिखा है, जिससे उसकी मानसिक पीड़ा और दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि छात्रा ने कदम उठाने से ठीक पहले अपनी इंस्टाग्राम आईडी (Instagram ID) डिलीट कर दी थी। पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया पर किसी तरह के दबाव, साइबर बुलिंग या किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण उसने यह फैसला लिया। मोबाइल डेटा को रिकवर करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात से पूरी तरह स्तब्ध हैं कि उनकी होनहार बेटी ऐसा कुछ कर सकती है। प्रारंभिक पूछताछ में परिवार ने किसी भी प्रकार के घरेलू विवाद से इनकार किया है। मृतका के चाचा, जो कांग्रेस के प्रवक्ता हैं, सहित अन्य परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
यह घटना एक बार फिर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया के प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई के दबाव और डिजिटल दुनिया की उलझनों के बीच बच्चों से निरंतर संवाद बेहद जरूरी है। दुर्ग पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी भी छात्र को मानसिक तनाव महसूस हो, तो वे हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें।








