Breaking
- Festival News: कमरछठ 2026 में जानिए अंग्रेजी मिर्च, पसहर चावल और छह भाजी का म...
- Health News: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 130 मामलों की पुष्टि; 3...
- हरित छत्तीसगढ़–समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा प्रदेश : वन मंत्...
- Raipur Education News: नवप्रवेशित छात्राओं को राज्यपाल रमेन डेका की सीख, वर्त...
- Education News: नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS कैंपस, 10 हजार विद्यार्थियों को म...
- Chhattisgarh UCC News: बस्तर से सरगुजा तक UCC पर मंथन, आदिवासी परंपराओं और मह...
- Chhattisgarh UCC News: बस्तर से सरगुजा तक UCC पर मंथन, आदिवासी परंपराओं और मह...
- Education News: राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय...
- Nepal Flood Rescue: सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा लोगों को बचाने की चुनौती, ...
- Bhilai News: PM आवास की किश्त नहीं भरने वालों पर निगम की कार्रवाई, मकान आवंटन...
बजट 2026: पीएम मोदी ने अर्थशास्त्रियों के साथ बनाया 'विकसित भारत' का रोडमैप; आत्मनिर्भरता और स्ट्रक्चरल सुधारों पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नीति आयोग में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की रूपरेखा तैयार करने के लिए आयोजित इस चर्चा का मुख्य विषय 'आत्मनिर्भरता और स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन' रहा। बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य अब केवल नीतिगत चर्चा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जन-आकांक्षा बन चुका है।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में 'मिशन मोड' में सुधार लाने का आह्वान किया ताकि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत किया जा सके। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल बदलावों पर केंद्रित रहा, जिसमें विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाना, घरेलू बचत में वृद्धि और बुनियादी ढांचे के विकास को और गति देना शामिल है। पीएम ने कहा कि जैसे-जैसे देश की उपभोग और गतिशीलता (Mobility) की आदतें बदल रही हैं, हमारे संस्थानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उसी अनुरूप विकसित होना होगा।
अर्थशास्त्रियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को उत्पादकता बढ़ाने के प्रमुख माध्यम के रूप में रेखांकित किया। साथ ही, भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को समावेशी विकास की नींव बताया गया। बजट 2026 में आयात पर निर्भरता कम करने के लिए लगभग 100 प्रमुख उत्पादों की पहचान और उनके घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन पर भी विचार किया गया।
सरकार का फोकस इस बार राजकोषीय प्रबंधन (Fiscal Management) और दीर्घकालिक विकास के बीच संतुलन बनाने पर है। बैठक में रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की रणनीतियों पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। उद्योग निकायों ने सुझाव दिया है कि सरकार को ऋण स्थिरता और कर पारदर्शिता पर ध्यान देना चाहिए ताकि निजी क्षेत्र के निवेश को और अधिक आकर्षित किया जा सके। यह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ की जा रही परामर्श प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले इस बजट से मध्यम वर्ग और विनिर्माण क्षेत्र को काफी उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत को न केवल अपनी विकास दर बनाए रखनी है, बल्कि वैश्विक कार्यबल (Global Workforce) में भी एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में खुद को स्थापित करना है। नीति आयोग की इस बैठक से निकले निष्कर्षों को बजट प्रस्तावों में शामिल किए जाने की संभावना है, जो देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।







