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HDFC Bank ने करोड़ों ग्राहकों को दिया बड़ा झटका: होम, कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ीं, अब चुकानी होगी ज्यादा EMI

देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC बैंक (हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन बैंक) ने अपने करोड़ों लोन धारकों को तगड़ा झटका दिया है। बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से लेकर 10 बेसिस प्वाइंट (यानी 0.10 प्रतिशत) तक की बढ़ोतरी करने का एलान किया है। बैंक द्वारा बढ़ाई गई ब्याज दरों की यह नई व्यवस्था 8 जून 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।

बँक के इस फैसले का सीधा और सीधा असर उन मौजूदा और नए ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने HDFC बैंक से होम लोन, कार लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन ले रखा है। जिन ग्राहकों का लोन MCLR व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, उनके रीसेट पीरियड (Reset Period) आते ही मासिक किस्त (EMI) का बोझ पहले से अधिक बढ़ जाएगा। बैंक ने 2 साल की अवधि वाले लोन के MCLR में सबसे बड़ी 10 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद यह दर 8.45% से बढ़कर 8.55% हो गई है। वहीं 1 साल का MCLR 8.35% से बढ़ाकर 8.40% कर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट को स्थिर रखने के बावजूद HDFC बैंक ने अपनी आंतरिक लागतों का हवाला देते हुए ब्याज दरों में यह वृद्धि की है। गौरतलब है कि सिर्फ HDFC ही नहीं, बल्कि पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज केनरा बैंक ने भी अपनी सभी अवधियों की MCLR दरों में 5 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी, जिससे बैंकिंग सेक्टर में कर्ज लगातार महंगा हो रहा है।






