Petrol-Diesel Price : नई दिल्ली: देश में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन यह राहत जल्द ही खत्म हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक ताजा रिपोर्ट ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 29 अप्रैल को राज्यों में जारी चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद घरेलू ईंधन की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
रिफाइनरों पर बढ़ा वित्तीय दबाव
ब्रोकरेज फर्म ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार हो रहे उछाल के कारण भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों पर जबरदस्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। वर्तमान में खुदरा कीमतों पर लगी रोक को लंबे समय तक जारी रखना अब मुश्किल होता जा रहा है। अनुमान है कि आयात लागत बढ़ने के कारण रिफाइनरों को हर महीने लगभग 270 अरब रुपये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
वैश्विक तनाव: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को अस्थिर कर दिया है।
बढ़ता आयात बिल: भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश का आयात बिल तेजी से बढ़ा है।
कीमतों में स्थिरता: दुनिया के कई देशों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ आम जनता पर डाल दिया है, जबकि भारत में लंबे समय से कीमतें स्थिर हैं, जिससे अब एक बड़े सुधार (बढ़ोतरी) की संभावना बन गई है।
आज के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम (24 अप्रैल)
शहर पेट्रोल (रुपये/लीटर) डीजल (रुपये/लीटर)
दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.54 90.03
रायपुर 99.44 93.39
बेंगलुरु 102.92 90.99
कोलकाता 105.45 92.02
चेन्नई 100.80 92.39
पटना 105.18 92.04
पोर्ट ब्लेयर 82.46 78.05







