Breaking
- TIN पोर्टल खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहु...
- Raipur News: नंदनवन का 50 करोड़ रुपये से होगा कायाकल्प, PPP मॉडल पर बनेगा आधु...
- खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा छत्तीसगढ़, अन्वेषण से एडवांस मैन्युफैक्चरिंग...
- Women Empowerment: तालाब से महिलाओं ने संवारी अपनी तकदीर, मछली पालन से लाखों ...
- Tourism Awards: छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के बेहतरीन काम को मिलेगा सम्मान,...
- Women Empowerment News: नारी सम्मान और स्वावलंबन से समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्...
- Nepal Flood News: नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ...
- Cultural Event News: रायपुर में तीन दिन गूंजेंगी छत्तीसगढ़ की लोकधुनें, ‘रंग ...
- Critical Minerals: नवा रायपुर में कल होगा खनिज ब्लॉक्स की नीलामी को लेकर रोड शो
- Bastar Change: छिंदनार में बदली तस्वीर, धमाकों की जगह ग्रामीणों ने सुनी ‘मन क...
छत्तीसगढ़ भाजपा की नई कार्यसमिति पर सस्पेंस बरकरार: कांग्रेस ने 'देरी' पर कसा तंज, भाजपा का पलटवार- 'विपक्ष पहले अपना घर संभाले'...
.webp)
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भाजपा संगठन में 'बदलाव' की सुगबुगाहट तेज है, लेकिन नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा में हो रही देरी ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद छेड़ दिया है। लंबे समय से नई कार्यकारिणी की राह ताक रहे कार्यकर्ताओं के बीच जहां बेचैनी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे भाजपा की 'अंदरूनी कलह' करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के भीतर कई सत्ता केंद्र बन गए हैं, जिसके कारण तालमेल बैठाना मुश्किल हो रहा है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी 'अनुशासन' की बात करती है, वह सरकार बनने के इतने महीनों बाद भी अपनी टीम तय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा में पुराने और नए चेहरों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है, जिसके चलते नामों पर अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। विपक्ष का यह भी कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने के डर से सूची को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी 'हताशा' बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा एक विचार आधारित संगठन है, जहां हर निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और उचित समय पर लिया जाता है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपने बिखरते कुनबे और नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से होने वाले वाकयुद्ध की चिंता करनी चाहिए, न कि भाजपा के आंतरिक संगठनात्मक ढांचे की।
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो भाजपा की इस नई कार्यसमिति में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों की झलक देखने को मिल सकती है। चर्चा है कि पार्टी युवा ऊर्जा और अनुभवी मार्गदर्शकों के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि 'मिशन 2028' की नींव अभी से मजबूत की जा सके। फिलहाल, दिल्ली दरबार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। अब देखना यह होगा कि भाजपा की यह नई टीम कब तक सामने आती है और क्या यह कांग्रेस के आरोपों का जवाब अपने काम से दे पाएगी।







-1783291154007_m.webp)