Breaking
- Dussehra 2026: प्रदोष काल में ही क्यों किया जाता है रावण दहन? जानिए इस प्राची...
- छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को मिला प्रतिष्ठित 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस...
- Election Commission SSR-2027 Schedule: मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्...
- Railway Network Expansion: रेल नेटवर्क के तेजी से विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ...
- Development Works Review: रायगढ़ के विकास कार्यों में नहीं चलेगी कोई देरी, वि...
- फॉरेक्स ट्रेडिंग और इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर 18.63 लाख की ठगी, दुर्ग पुलिस...
- Fire in Raipur Tar Factory: रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की डामर फैक्ट्री ...
- Dhamtari Crime News: 8 साल तक छिपाकर रखे हीरे, बेचने निकला तो धमतरी पुलिस ने ...
- Dhamtari Crime News: 8 साल तक छिपाकर रखे हीरे, बेचने निकला तो धमतरी पुलिस ने ...
- Illegal Liquor Seized in Jagdalpur: जगदलपुर में दशहरा मेले में बेचने की तैयार...
छत्तीसगढ़ भाजपा की नई कार्यसमिति पर सस्पेंस बरकरार: कांग्रेस ने 'देरी' पर कसा तंज, भाजपा का पलटवार- 'विपक्ष पहले अपना घर संभाले'...
.webp)
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भाजपा संगठन में 'बदलाव' की सुगबुगाहट तेज है, लेकिन नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा में हो रही देरी ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद छेड़ दिया है। लंबे समय से नई कार्यकारिणी की राह ताक रहे कार्यकर्ताओं के बीच जहां बेचैनी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे भाजपा की 'अंदरूनी कलह' करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के भीतर कई सत्ता केंद्र बन गए हैं, जिसके कारण तालमेल बैठाना मुश्किल हो रहा है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी 'अनुशासन' की बात करती है, वह सरकार बनने के इतने महीनों बाद भी अपनी टीम तय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा में पुराने और नए चेहरों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है, जिसके चलते नामों पर अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। विपक्ष का यह भी कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने के डर से सूची को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी 'हताशा' बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा एक विचार आधारित संगठन है, जहां हर निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और उचित समय पर लिया जाता है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपने बिखरते कुनबे और नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से होने वाले वाकयुद्ध की चिंता करनी चाहिए, न कि भाजपा के आंतरिक संगठनात्मक ढांचे की।
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो भाजपा की इस नई कार्यसमिति में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों की झलक देखने को मिल सकती है। चर्चा है कि पार्टी युवा ऊर्जा और अनुभवी मार्गदर्शकों के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि 'मिशन 2028' की नींव अभी से मजबूत की जा सके। फिलहाल, दिल्ली दरबार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। अब देखना यह होगा कि भाजपा की यह नई टीम कब तक सामने आती है और क्या यह कांग्रेस के आरोपों का जवाब अपने काम से दे पाएगी।







