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बिलासपुर-रायगढ़-ओडिशा के बीच 'रफ्तार' का नया अध्याय: 1500 करोड़ से NH-49 बनेगा फोरलेन

Chhattisgarh RRT News Desk 20 March 2026

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छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नेशनल हाईवे-49 (NH-49) को अब 1500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल बिलासपुर और रायगढ़ के बीच की दूरी को समय के लिहाज से कम करेगा, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के साथ छत्तीसगढ़ के व्यापारिक और सामाजिक संबंधों को भी नई गति प्रदान करेगा। इस सड़क के चौड़ीकरण से लाखों यात्रियों और भारी वाहनों को जाम और खराब रास्तों से मुक्ति मिलेगी।

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व्यापार और उद्योग के लिए 'लाइफलाइन' बनेगा नया हाईवे

बिलासपुर और रायगढ़ दोनों ही जिले औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। NH-49 पर कोयला, स्टील और अन्य औद्योगिक सामग्री का भारी परिवहन होता है। वर्तमान में टू-लेन होने के कारण यहाँ अक्सर दुर्घटनाएं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। फोरलेन बनने के बाद माल ढुलाई की लागत कम होगी और समय की बचत होगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इसके साथ ही, इस मार्ग पर स्थित छोटे कस्बों और गांवों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है क्योंकि बेहतर सड़क से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

DPR तैयार, आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ जल्द शुरू होगा निर्माण

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। 1500 करोड़ रुपये के इस बजट में सड़क के चौड़ीकरण के साथ-साथ अत्याधुनिक पुल-पुलियाओं का निर्माण, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस दिशा में तकनीकी प्रक्रियाओं को तेज कर दिया है। भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक मंजूरियों के बाद जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

पर्यटन और अंतर्राज्यीय परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

NH-49 के फोरलेन होने से केवल उद्योगों को ही नहीं, बल्कि आम जनता और पर्यटन को भी फायदा होगा। छत्तीसगढ़ से ओडिशा के धार्मिक और पर्यटन स्थलों (जैसे पुरी और संबलपुर) की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अब सुरक्षित और आरामदायक होगा। आधुनिक सड़कों के जाल से सड़क हादसों में कमी आएगी और बेहतर लाइटिंग व साइनबोर्ड्स के जरिए रात का सफर भी सुरक्षित बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 'विकसित छत्तीसगढ़' के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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