राजधानी रायपुर के इंदिरा आवास, त्रिमूर्ति नगर निवासी 60 वर्षीय श्री बंशी विभार के लिए 'मोबाइल मेडिकल यूनिट' (MMU-3) किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हुई। पिछले काफी समय से शरीर और पैरों के तेज दर्द से जूझ रहे बंशी जी की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उन्होंने अपना काम करना तक बंद कर दिया था। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वे बेहतर इलाज के लिए दूर के अस्पतालों तक नहीं जा पा रहे थे, लेकिन घर के पास पहुँचने वाली MMU की टीम ने उनकी किस्मत बदल दी।
मात्र 4 सप्ताह के उपचार से आया बड़ा बदलाव
बंशी विभार ने त्रिमूर्ति नगर में खड़ी होने वाली MMU-3 की मेडिकल टीम से संपर्क किया। वहां के डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की गहन जांच की और उन्हें उचित दवाइयों के साथ चिकित्सकीय परामर्श दिया। लगातार 3 से 4 सप्ताह तक चले नियमित उपचार और देखभाल का असर यह हुआ कि अब वे पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। सबसे सुखद बात यह है कि पैरों का दर्द खत्म होने के बाद उन्होंने अपना रुका हुआ काम फिर से शुरू कर दिया है।
"घर के पास मुफ्त इलाज, गरीबों के लिए सबसे बड़ा सहारा" - बंशी विभार
इलाज से लाभान्वित होने के बाद श्री बंशी विभार ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि सरकार की यह योजना उन लोगों के लिए बहुत लाभकारी है जो आर्थिक तंगी या शारीरिक कमजोरी की वजह से बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काट सकते। उन्होंने कहा, "घर के दरवाजे पर ऐसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलना हमारे जैसे बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।"
मुख्यमंत्री और महापौर के प्रति जताया हार्दिक आभार
अपनी सेहत में आए सुधार से उत्साहित होकर श्री बंशी विभार ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने MMU-3 इंदिरा आवास की मेडिकल टीम और स्टाफ की कार्यप्रणाली की भी सराहना की, जिन्होंने संवेदनशीलता के साथ उनका उपचार किया। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि कैसे जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाएं आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।








