लखनऊ/रायपुर: लखनऊ के इकाना स्टेडियम में चल रहे आईपीएल (IPL) मैच के दौरान फर्जी टिकटों के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्टेडियम के बाहर फर्जी टिकट बेचते हुए छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग निवासी चार युवकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन शातिर युवकों ने टिकटों को हूबहू असली दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल 'चैट जीपीटी' (ChatGPT) का सहारा लिया था।
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी हाई-टेक तकनीक का उपयोग कर टिकटों के लेआउट और क्यूआर कोड को डिजाइन करते थे, जिससे आम क्रिकेट प्रेमियों के लिए असली और नकली टिकट में फर्क करना मुश्किल हो जाता था। इन फर्जी टिकटों को आरोपी स्टेडियम के बाहर ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। मैच देखने पहुंचे कुछ दर्शकों को जब प्रवेश द्वार पर रोका गया और उनके टिकट स्कैन नहीं हुए, तब जाकर इस जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से कई फर्जी टिकट और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार किए गए सभी चारों युवक छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस साजिश में लखनऊ या रायपुर के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। तकनीक का दुरुपयोग कर किए गए इस फर्जीवाड़े ने सुरक्षा एजेंसियों की भी चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।








