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जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए, जमानत अर्जी खारिज...

रायपुर: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। 8 दिसंबर को तीन दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहाँ उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। अदालत ने बघेल को 19 दिसंबर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

दशगात्र कार्यक्रम का हवाला देकर मांगी थी जमानत
अमित बघेल के वकीलों ने कोर्ट में 15 दिसंबर को आयोजित होने वाले स्वर्गीय माता के दशगात्र कार्यक्रम का हवाला देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई थी। वकीलों ने कार्यक्रम से महज सात दिन पहले जमानत आवेदन दिया था। इस आवेदन पर प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध किया।
फरार होने की आशंका और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ताओं ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी के दोबारा फरार होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में की गई पूर्व टिप्पणी का भी उल्लेख किया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए सख्त लहजे में उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को कहा था।
अन्य मामलों में भी गिरफ्तारी प्रक्रिया पूरी
सभी पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। जमानत खारिज होने के तुरंत बाद, कोर्ट परिसर में ही अमित बघेल के खिलाफ दुर्ग-भिलाई, अंबिकापुर और बेंगलुरु में दर्ज अन्य मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि बघेल को विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
विवाद का कारण: धार्मिक अपमान के गंभीर आरोप
अमित बघेल पर अग्रवाल समाज, सिंधी समाज समेत कई अन्य समाजों के गुरुओं और आराध्यों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप है। उनके इन कथित भड़काऊ बयानों के बाद ही पूरे प्रदेश और देश के कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तारी से पहले लंबे समय तक फरार रहना पड़ा था।


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