CG News- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में चिलचिलाती गर्मियों के इस मौसम में आम जनता की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले मुनाफाखोर फल विक्रेताओं के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की विशेष संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न संवेदनशील व्यापारिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की है। लगातार तीन दिनों तक चले इस विशेष और सघन जांच अभियान के दौरान भारी मात्रा में अमानक, सड़े-गले और हानिकारक रसायनों के दम पर पकाए गए फलों को जब्त कर नष्ट करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
प्रशासनिक टीम को पिछले काफी समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि शहर के कुछ बड़े फल गोदामों और थोक प्रतिष्ठानों में कृत्रिम और प्रतिबंधित घातक केमिकलों (जैसे कैल्शियम कार्बाइड व एथिलीन) का धड़ल्ले से उपयोग कर कच्चे फलों को समय से पहले जबरन पकाया जा रहा है। इसी इनपुट के आधार पर जब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अचानक दबिश दी, तो एक प्रतिष्ठित फल केंद्र पर भारी मात्रा में केमिकल से पकाए जा रहे केले और अन्य मौसमी फल बरामद हुए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही, शहर के कई प्रसिद्ध जूस सेंटरों का भी औचक निरीक्षण किया गया, जहां भारी गंदगी और अस्वास्थ्यकर माहौल पाए जाने पर एक बड़े जूस सेंटर को मौके पर ही सील कर बंद करा दिया गया।
विभाग की इस औचक और सख्त कार्रवाई से पूरे खैरागढ़ के मिलावटखोर और फल माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इंसानी सेहत के लिए खतरनाक माने जाने वाले रसायनों से फल पकाने वाले और बासी व सड़े-गले फल बेचने वाले किसी भी व्यवसायी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अत्यधिक चमकदार और अप्राकृतिक रूप से पके दिखने वाले फलों को खरीदने से बचें। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान जिले के अन्य ग्रामीण और शहरी बाजारों में भी लगातार जारी रहेगा।






