बेंगलुरु के प्रमुख बाजारों और आसपास के कृषि क्षेत्रों से लिए गए सब्जियों के नमूनों में भारी मात्रा में लेड (Lead) पाया गया है। CPCB द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, जांचे गए 72 सैंपलों में से 19 (करीब 26%) में लेड की मात्रा FSSAI द्वारा निर्धारित मानकों से बहुत अधिक मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि 'ऑर्गेनिक' के नाम पर बिकने वाले बैंगन में लेड की मात्रा सुरक्षित सीमा से 20 गुना ज्यादा पाई गई है।
कौन सी सब्जियां सबसे ज्यादा प्रभावित?
रिपोर्ट के अनुसार, बैंगन के अलावा कुंदरू (Little Gourd) में 18 गुना, फ्लैट बीन्स में 9 गुना और पत्तागोभी व हरी पत्तेदार सब्जियों में तय सीमा से 5 गुना अधिक लेड मिला है। इसके अलावा शिमला मिर्च, खीरा, चुकंदर, और कद्दू जैसी सब्जियों में भी भारी धातुओं और प्रतिबंधित कीटनाशकों (जैसे मोनोक्रोटोफॉस) की उपस्थिति पाई गई है।
लेड शरीर को कैसे पहुँचाता है नुकसान? (डॉक्टर की राय)
डॉक्टरों के अनुसार, लेड एक 'स्लो पॉइजन' की तरह काम करता है। शरीर में इसकी अधिकता से निम्नलिखित खतरे हो सकते हैं:
किडनी और लिवर: लेड सीधे तौर पर किडनी को डैमेज कर सकता है।
मस्तिष्क पर असर: बच्चों में इसके कारण याददाश्त की कमी और मानसिक विकास में बाधा आ सकती है।
हृदय रोग: वयस्कों में यह हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
डॉक्टर के सुझाव: सब्जियों के जहर से कैसे बचें?
अच्छी तरह धोएं: सब्जियों को केवल पानी से नहीं, बल्कि नमक के पानी या सिरके (Vinegar) वाले पानी में 15-20 मिनट भिगोकर रखें। इससे सतह पर मौजूद कीटनाशक काफी हद तक कम हो जाते हैं।
छिलका उतारें: लेड और कीटनाशक अक्सर सब्जियों की बाहरी परत पर जमा होते हैं। जहाँ तक संभव हो, छिलका उतारकर ही पकाएं।
विटामिन-C का सेवन बढ़ाएं: डॉक्टर बताते हैं कि विटामिन-C, कैल्शियम और आयरन से भरपूर डाइट शरीर में लेड के अवशोषण (Absorption) को कम करने में मदद करती है।
स्रोतों में विविधता लाएं: एक ही जगह या वेंडर से सब्जियां खरीदने के बजाय अलग-अलग जगहों से खरीदें ताकि रिस्क कम हो सके।





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