छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लोरमी राजघराने के बेटे और उनके जीजा ने नियमों को ताक पर रखकर कोर जोन में घुसपैठ की। इतना ही नहीं, प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार लहराते, गोलियां चलाते और आग जलाकर फोटो खिंचवाते हुए उनके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। 'रील' बनाने और दबंगई दिखाने के इस शौक ने अब पूरे राजघराने को कानूनी मुश्किलों में डाल दिया है।
जानकारी के अनुसार, राजघराने के वारिस अपने जीजा और कुछ अन्य साथियों के साथ जंगल के उस हिस्से में दाखिल हुए जहाँ आम इंसानों का जाना पूरी तरह वर्जित है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं और सुरक्षा नियमों का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने जंगल के संवेदनशील इलाके में न केवल आग जलाई, बल्कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए हवा में फायरिंग भी की।
जैसे ही यह VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि कोर जोन में फायरिंग और आग जलाने से बाघों और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के आवास को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यह घटना वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट (Wildlife Protection Act) का सीधा उल्लंघन है, जिसमें भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है।
सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि आखिर ये लोग सुरक्षा बैरियरों को पार कर कोर जोन तक कैसे पहुंचे? क्या इसमें किसी स्थानीय वन कर्मचारी की मिलीभगत थी? पुलिस अब इन हथियारों के लाइसेंस और उनकी वैधता की भी पड़ताल कर रही है।
इस घटना ने टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि रसूखदार लोग अपनी पहुंच का फायदा उठाकर संरक्षित वनों में ऐसी हरकतें कर रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग की टीम आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, ताकि भविष्य में कोई भी वन्यजीवों की शांति में खलल डालने की हिम्मत न कर सके।








