रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने महाराजबंध तालाब के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। तालाब का निरीक्षण करने पहुंची महापौर ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों को कार्य की धीमी गति के लिए फटकार लगाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अनुबंध के अनुसार यह कार्य मार्च 2024 तक पूर्ण हो जाना था, लेकिन लापरवाही के कारण न केवल परियोजना लंबित है, बल्कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी पैदा हो रही है।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने पर्यावरण प्रेमी एनजीओ 'ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर' द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता महाभियान का जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों और ग्रीन आर्मी के स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे श्रमदान की सराहना करते हुए महापौर ने कहा कि तालाबों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों द्वारा तालाब से बाहर निकाले गए कचरे को सड़क किनारे से तत्काल उठाया जाए ताकि स्वच्छता बनी रहे।
तालाब को प्रदूषण से बचाने के लिए महापौर ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि जब तक 3 MLD क्षमता का एसटीपी (STP) पूरी तरह से प्रारंभ नहीं हो जाता, तब तक तालाब के किनारे एसटीपी के समीप तत्काल लोहे की जाली लगवाई जाए। इस जाली का उद्देश्य शहर की गंदगी और ठोस कचरे को तालाब के मुख्य जल क्षेत्र में जाने से रोकना है। महापौर ने जोन-4 और जोन-6 के स्वास्थ्य अधिकारियों को एसटीपी के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने को भी कहा।
इस निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ रायपुर नगर निगम के जोन अध्यक्ष वल्लभ अग्रवाल, बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद प्रमोद साहू और स्मार्ट सिटी की सी.ओ.ओ सुश्री ऋचा चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रीन आर्मी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनके सुझावों पर अमल करने का आश्वासन भी दिया।
महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों से अपील की कि वे तालाबों को कचरा घर न बनाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसकी सफलता तभी संभव है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को निर्देशित किया गया है कि वे साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि मार्च से लंबित इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जा सके और महाराजबंध तालाब को शहर के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।








