मध्य प्रदेश के सतना जिले से नशा तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने छापेमारी कर राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी को 46 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तेज प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।
घटना कैसे सामने आई
सोमवार तड़के पुलिस टीम ने मरौंहा गांव में एक घर पर दबिश दी। इस दौरान धान की बोरियों के बीच बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा हुआ मिला। पुलिस ने मौके से अनिल बागरी और उसके साथी पंकज सिंह को हिरासत में लिया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग नौ लाख रुपए बताई गई है। वहीं तस्करी में इस्तेमाल कार को भी पुलिस ने जब्त किया है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि गांजा पंकज सिंह के घर में रखा गया था और इसे एक अन्य स्थान तक पहुंचाया जाना था।
परिवार पर लगातार उठ रहे सवाल
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि कुछ दिन पहले ही मंत्री प्रतिमा बागरी के बहनोई शैलेन्द्र सिंह सोम को भी नशा तस्करी के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था। एक ही परिवार के दो रिश्तेदारों का ऐसे मामलों में गिरफ्तारी होना राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री प्रतिमा बागरी ने मामले में सहयोग की बात कही है, हालांकि मीडिया द्वारा पूछे गए कुछ सवालों पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और विपक्ष ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।








