Breaking
- Nepal Flood Rescue: सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा लोगों को बचाने की चुनौती, ...
- Bhilai News: PM आवास की किश्त नहीं भरने वालों पर निगम की कार्रवाई, मकान आवंटन...
- Road Accident: मंगोली चौक के पास ट्रक से भिड़ी क्रेटा, एक युवक की मौत; चार लो...
- Bhilai ED Raid: पूर्व CM के PA रहे केके चंद्रवंशी के घर ED की दबिश, दस्तावेजो...
- Crime News: दीवार पर आखिरी संदेश लिखकर महिला ने दी जान, बहू और मायके वालों पर...
- Gaurela-Pendra-Marwahi News: महतारी वंदन की 31वीं किस्त से महिलाओं को मिला सं...
- नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्र...
- Swine Flu Alert: छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में H1N1 के 10 नए केस, संक्रमितों का आ...
- Accident: तेज रफ्तार माजदा ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को मारी टक्कर, 2 की मौ...
- शराब के नशे में घर लौटे भतीजे को मौसी ने लगाई फटकार, डंडे से हमला कर कर दी हत्या
ताज' में पहरा या लोकतंत्र की घेराबंदी? संजय राउत का शिंदे पर वार— बोले, "होटल को बना दिया आर्थर रोड जेल"...
.webp)
मुंबई मेयर चुनाव (BMC Election 2026) के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में 'होटल पॉलिटिक्स' की वापसी हो गई है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित ताज होटल को एक 'जेल' में तब्दील कर दिया गया है। राउत का दावा है कि शिंदे गुट के लगभग 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां "कैद" करके रखा गया है ताकि उन्हें विपक्षी खेमे के संपर्क में आने से रोका जा सके। राउत ने मांग की है कि इन पार्षदों को तुरंत "रिहा" किया जाना चाहिए।

संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस होटल में दुनिया भर से मेहमान आते हैं, उसे शिंदे सरकार ने यरवदा या आर्थर रोड जेल जैसा बना दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों के पास पूर्ण बहुमत है, तो उन्हें अपने ही लोगों के 'किडनैप' होने या पाला बदलने का डर क्यों सता रहा है? राउत के इस बयान के बाद मुंबई पुलिस ने एहतियात के तौर पर ताज होटल की सुरक्षा बढ़ा दी है। राउत ने यह भी दावा किया कि खुद एकनाथ शिंदे नहीं चाहते कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बने, इसलिए वे दबाव की राजनीति कर रहे हैं।
दूसरी ओर, शिंदे गुट (शिवसेना) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे "हताशा का बयान" बताया है। शिंदे खेमे का कहना है कि सभी पार्षद एकजुट हैं और वे आगामी रणनीतियों और मुंबई के विकास रोडमैप पर चर्चा के लिए एक साथ ठहरे हुए हैं। चर्चा यह भी है कि शिंदे गुट मेयर पद के लिए 'ढाई-ढाई साल' का फॉर्मूला चाहता है, जिसे लेकर गठबंधन के भीतर मंथन जारी है। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि शिंदे गुट की 29 सीटें उसे 'किंगमेकर' की भूमिका में खड़ा करती हैं।
मुंबई मेयर की यह जंग अब ठाकरे परिवार की साख और महायुति के गठबंधन के बीच वर्चस्व की लड़ाई बन गई है। उद्धव ठाकरे ने भी संकेत दिए हैं कि 'ईश्वर की कृपा' रही तो मुंबई का मेयर उनकी पार्टी का हो सकता है, जिससे जोड़-तोड़ की संभावनाएं और तेज हो गई हैं। 227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है, और वर्तमान में महायुति के पास 118 सीटें हैं। फिलहाल, ताज होटल के बाहर की हलचल और राउत के तेवरों ने मेयर चुनाव के सस्पेंस को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।







