नई दिल्ली: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 4-5 दिनों तक दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ 'बारिश' भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं, जिनका पहला असर 19 जनवरी की रात से और दूसरा 21 जनवरी से देखने को मिलेगा। इसके कारण मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी की संभावना है।
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 22 से 24 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 22-23 जनवरी को भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में भी 23 और 24 जनवरी को गरज-चमक के साथ बारिश और बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है, जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन और बढ़ेगी।
ठंड के साथ-साथ 'घने कोहरे' (Dense Fog) का कहर भी जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और बिहार के कुछ हिस्सों में 'रेड और ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रहने की आशंका है, जिसका सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ सकता है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि राजस्थान के कुछ जिलों में शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के इस महीने में होने वाली यह बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने का डर है। बारिश के बाद आसमान साफ होते ही हवाओं की दिशा बदलेगी, जिससे जनवरी के आखिरी हफ्ते में एक बार फिर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखें।
कुल मिलाकर, जनवरी का यह हफ्ता मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। एक तरफ जहां घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, वहीं दूसरी ओर आने वाली बारिश ठंड को 'हड्डी गलाने' वाली सर्दी में बदल सकती है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद राज्यों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, और रैन बसेरों व अन्य आपातकालीन सुविधाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है।








