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पाकिस्तान में 4.7 तीव्रता के भूकंप से दहशत, कई घरों को नुकसान; जनहानि की खबर नहीं...

इस्लामाबाद: सोमवार को पाकिस्तान के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 4.7 दर्ज की गई और इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिसके कारण सतह पर झटका काफी तीव्र महसूस हुआ।

झटके और प्रभाव:
भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 11:12 बजे आया। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सतही भूकंप का खतरा:
NCS ने अपने आधिकारिक ट्विटर (अब X) अकाउंट पर भूकंप के स्थान की जानकारी देते हुए इसका अक्षांश 30.51 N और देशांतर 70.41 E बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम गहराई यानी सतही भूकंप (Shallow Earthquakes) काफी खतरनाक होते हैं, क्योंकि भूकंपीय तरंगें सतह तक कम दूरी तय करती हैं, जिससे झटका ज्यादा तेज़ और नुकसान अधिक होता है।
भूकंपीय गतिविधियों में वृद्धि:
पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से भूकंपीय गतिविधियां बढ़ी हैं। इस सोमवार के 4.7 तीव्रता के झटके से पहले, पिछले शनिवार और रविवार को भी 4.0 तीव्रता के मध्यम दर्जे के भूकंप आ चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र इस समय भूकंपीय रूप से अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है।
पाकिस्तान: एक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र:
पाकिस्तान भूकंपीय रूप से एक सक्रिय क्षेत्र में स्थित है। यहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों के बीच टकराव होता है। बलोचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, और गिलगिट-बल्तिस्तान जैसे क्षेत्र यूरेशियन पट्टी के दक्षिणी किनारे पर हैं, जबकि सिंध और पंजाब भारतीय पट्टी के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर हैं। इन भूगर्भीय गतिविधियों के कारण पाकिस्तान के विभिन्न हिस्से अक्सर भूकंपों की चपेट में आते रहते हैं।
सतर्कता की अपील:
देश का भूकंपीय इतिहास बताता है कि यह क्षेत्र बड़े भूकंपों के प्रति संवेदनशील है, जिसमें 1945 में बलोचिस्तान में आया 8.1 तीव्रता का भूकंप भी शामिल है। सिंध क्षेत्र में भूकंप कम आते हैं, लेकिन वे भी सुरक्षित नहीं माने जा सकते। अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। भूकंप वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति के कारण ऐसी भूकंपीय घटनाएं भविष्य में भी बार-बार हो सकती हैं, इसलिए नागरिकों को लगातार सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है।







