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Panchak 2026: आज आधी रात से शुरू हो रहे हैं पंचक, अगले 5 दिन इन कार्यों पर पाबंदी, वरना होगा भारी नुकसान

National RRT News Desk 20 January 2026

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हिंदू कैलेंडर और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज आधी रात (21 जनवरी की शुरुआत) से पंचक लगने जा रहे हैं। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तो उस समय को पंचक कहा जाता है। चूंकि इस बार पंचक की शुरुआत सोमवार/मंगलवार की मध्यरात्रि के बाद हो रही है, इसलिए इसे 'राज पंचक' कहा जा रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, राज पंचक को शुभ कार्यों के लिए मिश्रित फलदायी माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष कार्यों के लिए यह बेहद घातक हो सकता है।

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भूलकर भी न करें ये 5 वर्जित काम

पंचक के दौरान पांच कार्यों को करना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इन दिनों में लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना, घर की छत डलवाना (लेंटर डालना), चारपाई या बेड बुनना, दक्षिण दिशा की यात्रा करना और किसी की मृत्यु होने पर विशेष शांति कराए बिना अंतिम संस्कार करना अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि इन कार्यों को करने से परिवार में क्लेश, धन की हानि और मानसिक परेशानी बढ़ सकती है।

राज पंचक का क्या होता है प्रभाव?

सोमवार या मंगलवार के प्रभाव से लगने वाले पंचक को 'राज पंचक' कहा जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, राज पंचक के दौरान सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं और संपत्ति से जुड़े कामों में लाभ हो सकता है। हालांकि, वर्जित कार्यों को करने पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी उतना ही तीव्र होता है। यह पंचक अगले पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद चंद्रमा के मेष राशि में प्रवेश करते ही यह समाप्त हो जाएगा।

सावधानी और ज्योतिषीय उपाय

यदि पंचक के दौरान कोई जरूरी काम करना पड़ जाए, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके कुछ उपाय भी बताए गए हैं। जैसे, यदि दक्षिण दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो हनुमान मंदिर में फल चढ़ाकर यात्रा शुरू करें। यदि घर की छत डलवाना बहुत जरूरी हो, तो मजदूरों को मिठाई खिलाकर ही काम शुरू करें। लकड़ी खरीदना आवश्यक हो, तो गायत्री मंत्र का जाप करते हुए कार्य संपन्न करें ताकि पंचक के दोषों का प्रभाव कम हो सके।

समय और समाप्ति की गणना

21 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले ये पंचक पूरे पांच दिनों तक चलेंगे। श्रद्धालुओं और ज्योतिष में विश्वास रखने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस अवधि के दौरान नए निर्माण कार्यों की शुरुआत करने से बचें। पंचक के समाप्त होने के बाद ही किसी भी बड़े मांगलिक कार्य या निर्माण संबंधी सामग्री की खरीदारी करना श्रेयस्कर रहेगा। समय की सटीक गणना के लिए अपने स्थानीय पंडित या पंचांग की मदद जरूर लें।

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