Breaking
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
- पत्नी से अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउड...
- Crime News: पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सली ने लगाई फांसी, पुलि...
रेल हादसा: सीमेंट से लदी मालगाड़ी के 17 वैगन पटरी से उतरे, रेल परिचालन बुरी तरह बाधित

भारतीय रेलवे के एक व्यस्त रूट पर उस समय हड़कंप मच गया जब सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के 17 वैगन अचानक पटरी से उतर गए। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वैगन एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए और रेल पटरियों को भारी नुकसान पहुँचा है। इस हादसे के बाद संबंधित रेल खंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी सीमेंट लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी अचानक तेज आवाज के साथ वैगन बेपटरी होने लगे। मालगाड़ी की रफ्तार मध्यम होने के बावजूद 17 डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण ट्रैक पूरी तरह से उखड़ गया है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेलवे की संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुँच गई है। दुर्घटनास्थल पर क्रेन और आधुनिक मशीनों की मदद से बेपटरी हुए वैगनों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। रेल परिचालन को दोबारा बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, हालांकि ट्रैक पूरी तरह साफ होने में अभी लंबा समय लग सकता है।
इस दुर्घटना के कारण कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा है, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट (मार्ग परिवर्तन) कर दिए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और स्टेशनों पर फंसे लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। यात्री अपनी ट्रेनों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए रेलवे के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने इस गंभीर दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर पटरियों में आई खराबी या मालगाड़ी के वैगनों में तकनीकी दोष को हादसे का कारण माना जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह चूक कहाँ हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।







