भारतीय रेलवे ने नए साल की शुरुआत के साथ ही ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा (Ticketless Travel) करने वालों के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर विभिन्न जोनों, विशेषकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR), मध्य रेलवे और कोंकण रेलवे द्वारा सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल रेलवे के राजस्व की हानि को रोकना है, बल्कि वैध टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचाना भी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मध्य रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक 183.16 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है।
रेलवे प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही इस रणनीति में 'मैजिक चेक', 'अम्बुश चेक' और 'फोर्ट्रेस चेक' जैसे तरीके शामिल हैं। इसके तहत टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान अचानक किसी भी स्टेशन या चलती ट्रेन की घेराबंदी कर जांच करते हैं। हाल ही में रायपुर और बिलासपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर किए गए औचक निरीक्षण में सैकड़ों यात्री बिना टिकट या अनुचित श्रेणी (जैसे जनरल टिकट पर स्लीपर में) में यात्रा करते पाए गए, जिनसे मौके पर ही भारी जुर्माना वसूला गया।
इस अभियान के दौरान केवल बिना टिकट यात्री ही नहीं, बल्कि अनाधिकृत वेंडरों (Unauthorized Vendors) और बिना बुक किए गए भारी सामान (Unbooked Luggage) पर भी कार्रवाई की जा रही है। रेलवे के अनुसार, आरक्षित कोचों में बिना टिकट यात्रियों के घुसने से वैध यात्रियों की सुरक्षा और आराम पर असर पड़ता है। पकड़े गए यात्रियों से किराए के साथ-साथ न्यूनतम 250 रुपये से लेकर उचित दंड वसूला जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बार-बार पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत जेल की सजा भी हो सकती है।
डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए रेलवे अब AI-जनरेटेड फर्जी टिकटों की भी बारीकी से जांच कर रहा है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ यात्री मोबाइल पर फर्जी मैसेज या एडिट किए हुए टिकट दिखाकर यात्रा करने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा, वेटिंग टिकट लेकर आरक्षित डिब्बों में सफर करने वाले यात्रियों को भी कोच से बाहर निकाला जा रहा है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि त्योहारों और सर्दियों की छुट्टियों के मद्देनजर यह 'स्पेशल ड्राइव' आने वाले पूरे महीने जारी रहेगी।
अंत में, रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध यात्रा प्राधिकार (Valid Ticket) के साथ ही सफर करें। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों को 'UTS ऑन मोबाइल' ऐप या IRCTC की वेबसाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अभियान की स्वयं निगरानी करें ताकि किसी भी यात्री के साथ दुर्व्यवहार न हो और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।








