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Russia-Ukraine War: हर फ्रंटलाइन पर आगे बढ़ी पुतिन की सेना, यूक्रेन ने सूमी से पीछे हटने की पुष्टि की; क्या पूरे कब्जे की है तैयारी...

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। 22 दिसंबर 2025 की ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने पूरी फ्रंटलाइन पर रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। रूसी सैनिकों ने पिछले 24 घंटों में यूक्रेन के मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स, ऊर्जा ठिकानों और परिवहन बुनियादी ढांचों पर भीषण हमले किए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी "रणनीतिक पहल" (Strategic Initiative) हाथ में होने का दावा करते हुए कहा है कि उनकी सेना हर मोर्चे पर आगे बढ़ रही है।

सूमी से यूक्रेनी सेना का पीछे हटना
यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि रूसी सेना के तेज़ दबाव के कारण उन्हें सूमी (Sumy) क्षेत्र के कुछ सीमावर्ती इलाकों से पीछे हटना पड़ा है। विशेष रूप से क्रास्नोपिलिया (Krasnopillia) समुदाय के पास स्थित गांवों से यूक्रेनी सैनिक रक्षात्मक कारणों से पीछे हटे हैं। हालांकि, यूक्रेन का दावा है कि उनके सैनिक अब भी सीमावर्ती इलाकों में ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और रूसी सैनिकों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्थिति रूस के पक्ष में झुकती दिखाई दे रही है।
पुतिन की रणनीति और 'बफर ज़ोन'
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की मौजूदा रणनीति केवल फ्रंटलाइन को फ्रीज करने की नहीं, बल्कि यूक्रेन के भीतर एक बड़ा 'बफर ज़ोन' बनाने की है। पुतिन ने संकेत दिया है कि अगर शांति वार्ता में रूस की शर्तें नहीं मानी गईं, तो वे सैन्य अभियान जारी रखेंगे। रूसी सेना कुप्यांस्क (Kupyansk) और सुमी जैसे क्षेत्रों में अपना नियंत्रण और मजबूत करना चाहती है ताकि रूसी सीमावर्ती शहरों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इसे यूक्रेन के बड़े भूभाग पर स्थायी कब्जे की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।
वैश्विक शांति प्रयासों पर सस्पेंस
युद्ध के इन बिगड़ते हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित 'शांति प्रस्ताव' (28-सूत्रीय योजना) को लेकर भी संशय बना हुआ है। जहां रूस मौजूदा फ्रंटलाइन को ही नई सीमा मानने पर जोर दे रहा है, वहीं यूक्रेन अपनी भौगोलिक अखंडता से समझौता करने को तैयार नहीं है। इस बीच, रूस ने ड्रोन और 'ओरेश्निक' जैसी मिसाइलों के परीक्षण से पश्चिमी देशों को भी कड़ा संदेश दिया है। आने वाले कुछ हफ्ते यह तय करेंगे कि यह युद्ध विराम की ओर बढ़ेगा या पुतिन पूरे यूक्रेन पर नियंत्रण के लिए अभियान और तेज़ करेंगे।







