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खौफनाक चेहरा: सूरजपुर में तीन मौतों के बाद बवाल, डायल 112 के आरक्षक और ड्राइवर को अधमरा होने तक पीटा

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद भड़की ग्रामीणों की भीड़ ने न सिर्फ दुर्घटनाकारित वाहन को फूंक दिया, बल्कि मौके पर मदद के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ही जानलेवा हमला बोल दिया। आक्रोशित लोगों ने आपातकालीन सेवा डायल 112 के आरक्षक और पायलट (ड्राइवर) की लाठी-डंडों से इस कदर बेरहमी से पिटाई की कि दोनों लहूलुहान होकर बीच सड़क पर ही बेहोश हो गए।

घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार की रात शिवपुर के पास सड़क पर खड़े एक लावारिस ट्रक से बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई थी। इस भीषण हादसे में बाइक सवार दो नाबालिगों समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के गांव में फैली, वहां मातम पसर गया और भारी संख्या में ग्रामीण आक्रोशित होकर घटना स्थल पर पहुंच गए। उग्र भीड़ ने सबसे पहले बीच सड़क पर खड़े उस ट्रक को आग के हवाले कर दिया जिससे टकराकर बाइक सवारों की जान गई थी।
इसी बीच, हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले तड़प रहे घायल नाबालिग को रेस्क्यू कर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद जब आरक्षक और ड्राइवर तीनों मृतकों के शवों को पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की प्रक्रिया कर रहे थे, तभी भीड़ का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। अनियंत्रित भीड़ ने शासकीय सेवकों पर हमला कर दिया और उन्हें तब तक बर्बरता से पीटा जब तक वे अचेत नहीं हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रतापपुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया, जिसने स्थिति को काबू में किया और घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अब हमलावरों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।







