प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोकहित में कारगर साबित हो रही है, जिससे सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन करने की यह पहल ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना ने आम आदमी को बिजली बिल के बोझ से राहत दी है और ऊर्जा संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पालीवाल को मिली बिजली बिल से मुक्ति
राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी श्री रामलाल पालीवाल इस योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद विद्युत विभाग और वेंडर से संपर्क कर अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। श्री पालीवाल ने बताया कि उनके प्लांट से प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि उनके घर में लगभग 10 यूनिट बिजली का उपयोग होता है। इससे उन्हें बिजली बिल से पूरी तरह राहत मिली है और बिजली की बचत भी हो रही है। उन्होंने इस योजना को "बहुत उपयोगी" बताते हुए सभी से इसका लाभ लेने का आग्रह किया है।
लागत और सब्सिडी
श्री रामलाल पालीवाल के रूफ टॉप सोलर प्लांट की लागत 1 लाख 75 हजार रूपए है, जिसमें उन्हें शासन की ओर से 78 हजार रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें 1200 से 1500 रूपए और गर्मियों में 2000 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें बिजली के बिल से मुक्ति मिल गई है और उनके पास अतिरिक्त 446 यूनिट बिजली जमा है। रूफ टॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी साबित हो रहा है।
नेट मीटरिंग से दोहरा लाभ
प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होता है। इससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। परिणाम स्वरूप, उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है और ग्रिड में दी गई अतिरिक्त बिजली के एवज में उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है।
सब्सिडी और ऑनलाइन प्रक्रिया
शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 3 किलोवॉट तक के प्लांट पर राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी (कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक) प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाइट pm suryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर और बिजली कर्मचारी की मदद से पूर्ण आवेदन करना होता है। प्लांट की स्थापना और नेट मीटर स्थापित होने के बाद, सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है।
आसान ऋण सुविधा
श्री पालीवाल ने बताया कि उन्हें बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई और 1 लाख 75 हजार रूपए का ऋण तत्काल मिल गया, जिसका भुगतान वे ईएमआई के माध्यम से आसान किस्तों में कर रहे हैं। योजना के तहत, यदि उपभोक्ता ऋण लेने का इच्छुक हो तो 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रकरण प्रेषित किया जाता है।








