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भोपाल में ट्रांसफर आदेश बेअसर, पुराने थानों में जमे पुलिसकर्मी

भोपाल। राजधानी में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद कई पुलिसकर्मी अब भी अपने पुराने थानों में तैनात हैं। हैरानी की बात यह है कि इन कर्मचारियों के तबादले कई महीने पहले किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आदेशों का पालन नहीं हो रहा है।

जानकारी के अनुसार भोपाल के कई थानों में ऐसे आरक्षक, प्रधान आरक्षक और उपनिरीक्षक कार्यरत हैं, जिनका कागजों में ट्रांसफर हो चुका है। इसके बावजूद वे पुराने थानों में नियमित ड्यूटी कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों को अब तक नई तैनाती स्थल पर रिलीव नहीं किया गया।
ट्रांसफर आदेश लागू न होने के कारण थानों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है। एक ओर जहां नए स्थानों पर स्टाफ की कमी बनी हुई है, वहीं पुराने थानों में आवश्यकता से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इससे संसाधनों का संतुलन भी बिगड़ रहा है।
सूत्रों की मानें तो कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को दोबारा ट्रांसफर आदेश जारी करने पड़े हैं, लेकिन उसके बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ट्रांसफर आदेशों को लेकर इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है।
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि ट्रांसफर जैसे महत्वपूर्ण आदेशों का समय पर पालन नहीं होगा, तो इससे विभागीय अनुशासन कमजोर पड़ेगा। साथ ही इससे उन पुलिसकर्मियों में असंतोष भी बढ़ सकता है, जो नियमों का पालन करते हुए नई जगह पर पदस्थ हो जाते हैं।
फिलहाल भोपाल पुलिस विभाग के सामने यह चुनौती बनी हुई है कि ट्रांसफर प्रक्रिया को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए उसे पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बन सके।







