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अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने SIR को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, DMK ने भी किया समर्थन; चुनाव आयोग के इरादों पर उठे सवाल

तमिलनाडु में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा लागू किए गए विशेष मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) और सत्तारूढ़ DMK सहित कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस संशोधन का कड़ा विरोध करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि इस संशोधन के जरिए लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
TVK ने बताया 'मनमाना और अनुचित'
अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी ने दावा किया है कि चुनाव आयोग का यह कदम वोटरों की नागरिकता की जांच करने के लिए बनाए गए नए नियमों के तहत चलाया जा रहा है।
TVK का आरोप: पार्टी का कहना है कि यह कदम अत्यधिक मनमाना और अनुचित है। इससे कई मतदाताओं को अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से बाहर किया जा सकता है, जो उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
याचिका का उद्देश्य: TVK ने सुप्रीम कोर्ट से इस विशेष संशोधन प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।
DMK ने भी किया SIR का विरोध
TVK के अलावा, तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी DMK ने भी चुनाव आयोग के SIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
DMK का तर्क: DMK की याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 तक राज्य में पहले ही एक विशेष अपडेट अभियान (Special Summary Revision - SSR) चलाया गया था।
उठाए सवाल: DMK ने पूछा है कि जब कुछ ही समय पहले SSR के तहत मतदाता सूची में मृत्यु, स्थानांतरण और अयोग्यता जैसी वजहों से बदलाव किए गए थे, तो तत्काल एक और 'गहन संशोधन' (SIR) की क्या आवश्यकता है।
राजनीतिक दलों के विरोध और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के बाद अब सबकी निगाहें शीर्ष अदालत पर टिकी हैं कि वह तमिलनाडु के इस संवेदनशील चुनावी मामले में क्या रुख अपनाती है।







