सर्दियों के मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। खासकर उत्तर भारत में सरसों का साग और सरसों की भुजिया घर-घर में बनाई जाती है। सरसों की भुजिया न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह आयरन, विटामिन और फाइबर से भरपूर भी होती है। अगर आप भी इस सर्दी कुछ नया और जायकेदार ट्राई करना चाहते हैं, तो सरसों की भुजिया बनाने की यह खास रेसिपी आपके लिए है।
सरसों की भुजिया बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:
ताजा सरसों की पत्तियां (बारीक कटी हुई)
दो मध्यम आकार के आलू (छोटे टुकड़ों में कटे हुए)
बारीक कटा हुआ लहसुन (8-10 कलियां)
सूखी लाल मिर्च और हरी मिर्च
सरसों का तेल (स्वाद के लिए बेस्ट)
नमक, हल्दी और थोड़ा सा हींग
बनाने की विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सरसों की भुजिया बनाने के लिए सबसे पहले पत्तियों को अच्छी तरह धोकर बारीक काट लें। एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें हींग और जीरा चटकाएं। अब इसमें ढेर सारा बारीक कटा हुआ लहसुन और सूखी लाल मिर्च डालें। लहसुन का सुनहरा होना इस भुजिया को एक सोंधा स्वाद देता है। इसके बाद कटे हुए आलू डालकर हल्का फ्राई कर लें।
तैयार करने का खास तरीका:
जब आलू थोड़े नरम हो जाएं, तो इसमें हल्दी और कटी हुई सरसों की पत्तियां डालें। ध्यान रहे कि भुजिया बनाते समय कड़ाही को शुरुआत में ढक दें ताकि पत्तियां अपना पानी छोड़ दें और आलू पक जाएं। बाद में ढक्कन हटाकर मध्यम आंच पर भुजिया को तब तक भूनें जब तक कि उसका पानी पूरी तरह सूख न जाए और साग कुरकुरा न हो जाए। अंत में स्वाद अनुसार नमक डालें।
परोसने का सुझाव:
तैयार सरसों की भुजिया को गरमा-गरम मक्के की रोटी या बाजरे की रोटी के साथ परोसें। यदि आप इसे सादे परांठे या दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में खाते हैं, तो भी यह खाने का स्वाद दोगुना कर देती है। ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डालने पर इसका जायका और भी बढ़ जाता है।
यह विंटर स्पेशल रेसिपी न केवल आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है, बल्कि कड़ाके की ठंड में शरीर को अंदरूनी गर्मी भी प्रदान करती है। इस आसान तरीके से बनाई गई सरसों की भुजिया को जो भी एक बार खाएगा, वह इसका स्वाद कभी नहीं भूल पाएगा।








