आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लेकर 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला में ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के बेहतर आवंटन, सेवा प्रदायगी में सुधार, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माताओं ने पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उपायों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला के दौरान जानकारी दी गई कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कुल 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। यह राशि ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







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