रायपुर स्थित आईआईएम में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस, उभरती तकनीकों और कृषि सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविर का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, आधुनिक और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए नई नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है।
शिविर के पहले दिन नेतृत्व विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, ब्लॉकचेन, जियोस्पेशियल तकनीक और डेटा आधारित प्रशासन पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं कृषि सत्र में प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समूह आधारित विचार-विमर्श में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चिंतन शिविरों से मिले सुझावों के आधार पर राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसी पहलें लागू की गईं। वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे तथा इन्हें जल्द ही नीतिगत निर्णयों के रूप में लागू किया जाएगा।






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