नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित 'अमृत मित्र महोत्सव' के मंच पर देशभर के जल योद्धाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 75 महिलाओं ने शिरकत की, जिनकी आवाज और कार्यों की गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। इन महिलाओं ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अपने गांवों में जो क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, उन्हें इस राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान मिली है। यह महोत्सव केंद्र सरकार की जल कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का प्रतीक बन गया है।
छत्तीसगढ़ की इन 75 महिलाओं ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत अपने-अपने क्षेत्रों में 'जल योद्धा' के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया है। ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने से लेकर जल स्रोतों के पुनरुद्धार तक, इन महिलाओं की भागीदारी ने राज्य का मान बढ़ाया है। भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान इन महिलाओं ने अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया और बताया कि कैसे सामुदायिक भागीदारी से जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और केंद्रीय मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ की इन जल सहेलियों के जज्बे को सलाम किया। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को सम्मानित करना था जो चुपचाप समाज में जल क्रांति लाने का काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की महिलाओं की यह बड़ी भागीदारी दर्शाती है कि राज्य में महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन महिलाओं ने न केवल पानी की बर्बादी को रोका, बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण लेकर नल-जल योजनाओं के संचालन में भी महारत हासिल की है।
अमृत मित्र महोत्सव ने यह साबित कर दिया है कि जब ग्रामीण महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। छत्तीसगढ़ की इन योद्धाओं की दिल्ली यात्रा न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इस अवसर पर विभिन्न प्रदर्शनी और कार्यशालाओं के माध्यम से भविष्य में जल संचयन की आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा की गई। यह गौरवशाली क्षण छत्तीसगढ़ के विकास और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की एक नई तस्वीर पेश करता है।








