Breaking

रायपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल: नियमितीकरण समेत 3 सूत्रीय मांगों पर अड़ा संघ; दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Chhattisgarh RRT News Desk 26 February 2026

post

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'नियमितीकरण' की मुख्य मांग सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर से जुटी कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन शासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन या निर्णय नहीं लिया गया है।

Advertisement

संघ की प्रमुख मांगों में सबसे महत्वपूर्ण शासकीय कर्मचारी घोषित कर नियमितीकरण करना है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं ने वर्तमान मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और सेवानिवृत्ति के पश्चात एकमुश्त ग्रेच्युटी राशि प्रदान करने की भी मांग रखी है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि वे शासन की हर महत्वपूर्ण योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनके खुद के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर सरकार उदासीन बनी हुई है।

धरना प्रदर्शन के दौरान संघ के नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तो केवल एक संकेत है; यदि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगी, उन्हें लिखित आदेश और क्रियान्वयन चाहिए।

इस आंदोलन के कारण रायपुर के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद रहने से पोषण आहार वितरण और बच्चों की प्राथमिक शिक्षा जैसे कार्य भी प्रभावित हुए हैं। अब सबकी नजरें राज्य सरकार के रुख पर टिकी हैं कि क्या बजट सत्र के दौरान या उसके पश्चात इन कार्यकर्ताओं के लिए किसी बड़ी राहत की घोषणा की जाती है।

You might also like!