बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली और बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ कोटा थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 9 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि खुद राष्ट्र निर्माता कहे जाने वाले एक शिक्षक दंपती (पति-पत्नी) हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक दंपती ने शिकायतकर्ता युवक को शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 (Assistant Grade-3) के रिक्त पद पर स्थायी सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। दंपती ने अपनी ऊंची पहुंच और अधिकारियों से अच्छे संबंधों का हवाला देकर युवक को जाल में फंसाया। पीड़ित युवक सरकारी नौकरी की चाह में इस कदर उनके झांसे में आ गया कि उसने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से ब्याज पर उधार लेकर कुल 9 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि दंपती को सौंप दी।
पैसे लेने के बाद महीनों बीत जाने पर भी जब युवक को कोई नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) नहीं मिला, तो उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इस पर आरोपी दंपती टालमटोल करने लगे और अंत में पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत कोटा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक दंपती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत धोखाधड़ी (Cheating) का अपराध दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।







