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दबंगई: झगड़ा शांत कराने गए सहायक शिक्षक की बेरहमी से पिटाई, छट्ठी कार्यक्रम में युवकों ने मचाया उत्पात...

Chhattisgarh RRT News Desk 27 January 2026

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छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में आयोजित एक छट्ठी (नवागत शिशु का नामकरण संस्कार) कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ युवकों ने मामूली बात पर विवाद शुरू कर दिया। इस कार्यक्रम में शामिल होने आए एक सहायक शिक्षक ने जब मानवता दिखाते हुए लड़ रहे युवकों को शांत कराने और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी उन पर ही टूट पड़े। शांति की अपील करने वाले शिक्षक को उपद्रवियों ने अपना निशाना बना लिया।

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बीच-बचाव करना पड़ा महंगा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद कुछ युवक आपस में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की कर रहे थे। माहौल बिगड़ता देख सहायक शिक्षक ने उन्हें समझाते हुए विवाद खत्म करने को कहा। शिक्षक की यह नेक सलाह युवकों को नागवार गुजरी। गुस्से में आकर युवकों ने शिक्षक के साथ अभद्रता की और उन पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में शिक्षक को काफी चोटें आई हैं और उनके कपड़े तक फट गए।

हमले के दौरान वहां मौजूद मेहमानों और ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर शिक्षक को उपद्रवियों के चंगुल से छुड़ाया। आरोपियों की दबंगई का आलम यह था कि वे मारपीट के बाद भी मौके पर धमकियां देते रहे। इस घटना के बाद से गांव के लोगों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक सम्मानित शिक्षक के साथ इस तरह का व्यवहार समाज की गिरती मर्यादा का प्रमाण है।

पुलिस में शिकायत और मेडिकल जांच

पीड़ित सहायक शिक्षक ने घटना की लिखित शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने शिक्षक का मुलाहिजा (मेडिकल परीक्षण) कराया है, जिसमें उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस की एक टीम आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

शिक्षक संगठनों ने की कार्रवाई की मांग

इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय शिक्षक संगठनों ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि समाज के मार्गदर्शक के साथ ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई भी किसी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक के साथ ऐसी अभद्रता करने का साहस न कर सके।

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