बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी जिले से एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने शिक्षा विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरस्वती पूजा (बसंत पंचमी) के दिन, जब छात्र और अन्य शिक्षक मां शारदे की वंदना की तैयारी कर रहे थे, तब एक प्रधान पाठक (Headmaster) शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए स्कूल पहुंचे। जब ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें टोका, तो शिक्षक ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए अजीबोगरीब दलीलें पेश कीं।
'मैंने पी नहीं, दूसरा प्रसाद चढ़ाया है'
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शिक्षक नशे में इतने धुत दिख रहे हैं कि उनसे ठीक से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा है। जब लोगों ने उनसे शराब पीने के बारे में पूछा, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा— "मैंने शराब नहीं पी है, बस दाल-भात खाया है। सब पूजा में लगे हैं, तो मैंने भी अपना 'दूसरा प्रसाद' चढ़ा लिया है।" शिक्षक की इस बात को सुनकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए।
वीडियो हुआ वायरल, ग्रामीणों में भारी रोष
यह घटना जिले के एक सरकारी प्राथमिक शाला की बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह शिक्षक अक्सर इसी हालत में स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सरस्वती पूजा जैसे पवित्र दिन पर शिक्षक की इस हरकत ने पालकों के सब्र का बांध तोड़ दिया और उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई: बीईओ ने थमाया नोटिस
वीडियो संज्ञान में आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच के आदेश: विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
निलंबन की तैयारी: विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन और स्कूल की गरिमा को ठेस पहुँचाना गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को जल्द ही निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।
सवालों के घेरे में 'गुरु' की मर्यादा
बस्तर से लेकर सरगुजा तक, छत्तीसगढ़ के स्कूलों से इस तरह की खबरें अक्सर आती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निलंबन काफी नहीं है, बल्कि ऐसे शिक्षकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य गढ़ने के बजाय उसे 'नशे की गर्त' में धकेल रहे हैं।








