बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के बहुचर्चित गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। इस मामले में संलिप्त और गिरफ्तारी से बच रहे कांग्रेस नेताओं पर पुलिस अधीक्षक ने 5-5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं, जिसके चलते अब उन पर इनाम घोषित कर आम जनता से सहयोग मांगा गया है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखने का आश्वासन भी दिया गया है।
मस्तूरी के पेंड्री और आसपास के इलाकों में हुई इस हिंसक वारदात ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश के चलते हुई इस गोलीबारी में पुलिस अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, मुख्य षड्यंत्रकारियों और कुछ राजनीतिक रसूख वाले नेताओं की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन आरोपी फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
फरार नेताओं में स्थानीय स्तर पर सक्रिय कांग्रेसी पदाधिकारियों के नाम शामिल होने से यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। आरोप है कि इन नेताओं ने न केवल वारदात की साजिश रची, बल्कि अपराधियों को संरक्षण भी दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक रसूख कितना ही बड़ा क्यों न हो। फरार आरोपियों के घरों और कार्यस्थलों पर भी नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं।
इस गोलीकांड के बाद मस्तूरी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की इनाम घोषित करने वाली कार्रवाई का स्वागत किया है। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि आरोपियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इनाम की घोषणा के बाद जल्द ही फरार नेताओं की गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।








