छत्तीसगढ़ में अवैध उत्खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी कीमत एक बार फिर एक गरीब मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय मजदूर पत्थर (गिट्टी) तोड़ने के लिए एक अवैध पत्थर खदान में गया था। काम के दौरान खदान का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे मजदूर को संभलने का मौका भी नहीं मिला और वह भारी मलबे के नीचे दब गया।
मलबे में दबने के कारण दम घुटने और गंभीर चोटों की वजह से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास काम कर रहे अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
सूत्रों के अनुसार, जिस खदान में यह हादसा हुआ, वह बिना किसी वैध अनुमति के संचालित की जा रही थी। अवैध खदानों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते और न ही मजदूरों को किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं। खदान माफियाओं द्वारा पहाड़ियों और जमीन की अंधाधुंध कटाई के कारण ऐसी जगहों पर हमेशा धंसने का खतरा बना रहता है।
प्रशासन की जांच और आक्रोश
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन और खनिज विभाग की नाक के नीचे लंबे समय से अवैध उत्खनन का खेल चल रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खदान का असली संचालक कौन है।
शासन द्वारा अब इस मामले में संबंधित क्षेत्र के पटवारी और खनिज अधिकारियों से भी जवाब तलब किया जा सकता है। मृतक के परिजनों ने मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।








