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छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन को नई रफ्तार, सेवा सेतु पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध

छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी साझा की। विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य तकनीक आधारित प्रशासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी और नागरिक सेवाओं के विस्तार के माध्यम से देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा मंच बन चुका है। वर्तमान में पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से ज्यादा आवेदनों का सफल निराकरण किया गया। राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन समेत कई सेवाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
विभाग ने बताया कि राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-III के तहत 3928 करोड़ रुपये की परियोजना से ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और FTTH कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।
युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की गई है। इसके तहत IIIT नया रायपुर के सहयोग से 50 स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 के जरिए जनवरी 2024 से जून 2026 तक 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और डिजिटल द्वार जैसे प्लेटफॉर्म सुशासन को मजबूत कर रहे हैं।
विभाग ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के तहत AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा 105.3 करोड़ रुपये की लागत से STPI के सहयोग से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किए जाएंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिससे डेटा सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। विभाग का लक्ष्य तकनीक को जनहित से जोड़ते हुए पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है।







