बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से कोयले की हेराफेरी और काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आई है। जिले की हिर्री थाना पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए कोल डिपो की आड़ में चल रहे एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कोल डिपो के मालिक, वाहन मालिक और तीन शातिर चालकों (ड्राइवर्स) समेत कुल 5 आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा है। इस कार्रवाई के बाद से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
पकड़े गए गिरोह का तौर-तरीका बेहद शातिराना था। दरअसल, यह गिरोह खदानों से बड़े उद्योगों के लिए भेजे जाने वाले उच्च गुणवत्ता (हाई क्वालिटी) के कोयले को रास्ते में ही गायब कर देता था। आरोपी बीच रास्ते में गाड़ियों को अपने कोल डिपो में ले जाते थे, जहां कीमती और असली कोयले को ट्रकों से नीचे उतार लिया जाता था। इसके बाद उद्योगों को चूना लगाने के लिए ट्रकों में उसी वजन का बेहद घटिया और कम गुणवत्ता (लो क्वालिटी) का कोयला लोड कर सप्लाई के लिए आगे रवाना कर दिया जाता था। इस खेल से उद्योगपतियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा था, जबकि डिपो संचालक चांदी काट रहा था।
ऐसे खुला राज: लगातार मिल रही शिकायतों और इनपुट के बाद हिर्री पुलिस की टीम ने जाल बिछाया और डिपो पर औचक दबिश दी, जहां कोयले की इस अदला-बदली के खेल का रंगे हाथ पर्दाफाश हो गया।
हिर्री थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डिपो संचालक और उसके गुर्गों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि इस काले खेल में और कौन-कौन से रसूखदार लोग या डिपो संचालक शामिल हैं। इस पूरे मामले की एफआईआर कॉपी, आरोपियों के नाम और पुलिस की आगामी कार्रवाई की पूरी डिटेल जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर विजिट करें।

_m.webp)




