सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को निशाना बनाने वाला एक नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। ठगों ने आबकारी विभाग (Excise Department) में विभिन्न पदों पर भर्ती का लालच देकर पांच बेरोजगारों से 6.51 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए एक अजीब तर्क दिया कि "जितनी ऊंची पोस्ट होगी, उतना ज्यादा पैसा लगेगा", और इसी झांसे में आकर युवाओं ने अपनी मेहनत की कमाई गँवा दी।
ठगी का शिकार हुए पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने खुद को विभाग का करीबी बताकर ऊंची पहुंच का दावा किया था। उन्होंने अलग-अलग पदों के लिए रेट कार्ड तय कर रखे थे। झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) तक थमा दिए थे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी जॉइनिंग नहीं हुई, तब युवाओं को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने बहुत ही शातिर तरीके से युवाओं का नेटवर्क तैयार किया था। एक पीड़ित के जरिए दूसरे बेरोजगारों तक पहुंच बनाई गई ताकि किसी को शक न हो। ठगों ने पीड़ितों से किश्तों में पैसे लिए और उन्हें प्रशिक्षण (Training) के नाम पर भी गुमराह किया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठग अक्सर इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं। इस मामले में भी पीड़ितों ने बिना किसी आधिकारिक विज्ञापन या प्रक्रिया के केवल बातों के आधार पर लाखों रुपये दे दिए। पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरियों के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करें और किसी भी बिचौलिये को पैसे न दें।
पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने और भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया होगा। पकड़े जाने के डर से आरोपी फिलहाल फरार हैं, लेकिन उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि शॉर्टकट से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश भारी पड़ सकती है।








