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ममता बनर्जी का कोलकाता में शक्ति प्रदर्शन: 'मुझे हमलों की आदत, कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म...

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED-CBI) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भारी भीड़ को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी भावुक नजर आईं और उन्होंने कल की घटना का जिक्र करते हुए कहा, "कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा है। मुझ पर हमले की कोशिश हुई, लेकिन मुझे हमलों की आदत हो गई है। मैं डरने वाली नहीं हूं।" यह रैली ईडी की हालिया कार्रवाइयों और कोलकाता हाई कोर्ट के कुछ फैसलों के विरोध में बुलाई गई थी, जिसने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है।

ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए एजेंसियों का 'हथियार' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बंगाल झुकना नहीं जानता। मुख्यमंत्री ने इस रैली को 'लोकतंत्र बचाने की लड़ाई' करार दिया। टीएमसी समर्थकों के हुजूम के कारण मध्य कोलकाता का यातायात पूरी तरह ठप रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
इस विरोध मार्च में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी के तमाम बड़े नेता और सांसद भी शामिल हुए। ममता ने विपक्षी एकता का आह्वान करते हुए कहा कि आज जो बंगाल में हो रहा है, वही देश के अन्य हिस्सों में भी दोहराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी अंतिम सांस तक दिल्ली के 'तानाशाही शासन' के खिलाफ लड़ती रहेंगी। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों को रोकने के लिए केंद्र द्वारा फंड रोके जाने का मुद्दा भी उठाया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैली आगामी चुनावों से पहले टीएमसी के कैडरों में नया जोश भरने और केंद्र विरोधी नैरेटिव को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। कल हुए कथित हमले या सुरक्षा में चूक के दावे ने समर्थकों की सहानुभूति ममता की ओर मोड़ दी है। वहीं, भाजपा ने इसे ममता बनर्जी का 'विक्टिम कार्ड' करार देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार की जांच से ध्यान भटकाने के लिए यह नौटंकी की जा रही है।
कोलकाता हाई कोर्ट में चल रहे कानूनी घटनाक्रम और ईडी की सक्रियता के बीच ममता का यह 'स्ट्रीट फाइट' अवतार बंगाल की राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत कर सकता है। रैली के बाद राज्य में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों का अगला कदम क्या होगा।







